शिक्षा प्रकाश का वह क्षेत्र है जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में हमारा पथ प्रदर्शन करता है। शिक्षा के बिना मानव विकास अकल्पनीय है। इस तथ्य के दृष्टिगत इस शिक्षण संस्थान के संचालन का दायित्व निर्वहन करने वाली माँ शान्ती चेरीटेबल ट्रस्ट ने वर्ष 2015 में उच्च शिक्षा से वंचित ग्राम बलुआ रामपुर श्रीपाल में उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित करने का संकल्प लिया, जो इस क्षेत्र में सर्वांगीण विकास, उन्नति और बहुमुखी प्रगति की आधार शिला है।
गोरखपुर जनपद मुख्यालय से 35 कि०मी० पूरब गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर स्थित हाटा बाजार से लगभग 3 कि०मी० दक्षिण (हाटा-गौरी बाजार मार्ग) ग्राम-बलुआ रामपुर श्रीपाल चौराहे पर यह महाविद्यालय स्थित है। यह क्षेत्र उच्च शिक्षा से वंचित रहा, इस कमी को दूर करने हेतु एवं इस पिछड़े क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक उन्नयन के दृष्टिकोण से इस महाविद्यालय की स्थापना की गयी है।
वस्तुतः अन्य महाविद्यालयों के दूरस्थ होने से आर्थिक रूप से पिछड़े बहुसंख्यक परिवारों के बच्चे इण्टरमीडिएट के बाद शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ हो जाते थे। सर्वाधिक परेशानी छात्राओं के लिए थी, जो अनेक कठिनाईयों के बावजूद उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु घर से बहुत दूर जाने के लिए विवश थीं।
महाविद्यालय परिवार, प्रबन्ध समिति एवं कालेज स्थापना से जुड़े लोग उन सभी महानुभावों के प्रति सादर आभारी हैं, जिन्होंने कालेज की स्थापना हेतु प्रेरणा देकर उसके उन्नयन का मार्ग प्रशस्त किया।
संस्थान के मुख्य उद्देश्य:
- इस अति पिछड़े एवं गरीब क्षेत्र में छात्र/छात्राओं हेतु उच्च शिक्षा को सुलभ कराना।
- छात्र/छात्राओं के व्यक्तित्व के बहुमुखी विकास के साथ-साथ उनमें रचनात्मक अभिरूचि जागृत करना।
- अनुशासित, नैतिक व ईमानदार छात्र/छात्राओं का निर्माण करना।
- तार्किक, वैज्ञानिक एवं रचनात्मक दृष्टिकोण के विकास के साथ-साथ मानव मूल्यों पर बल देना।
- सीमित संसाधनों में कठोर परिश्रम की महत्ता को प्रतिपादित करते हुये 'सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम्' की कल्पना को साकार रूप देना।
- छात्र/छात्राओं को भारत के गौरवशाली अतीत से परिचित कराते हुए सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में उनकी ऊर्जा को संबद्धित करना।
शिक्षा के द्वारा ही व्यक्ति में संयमशीलता, सचरित्रता और जीवन में सुचारूता आती है। शिक्षा के कारण ही व्यक्ति सत्यम, शिवम, सुन्दरम की खोज करता है, इसका विकास करता है। देवप्रीत डिग्री कालेज भी सत्यम् शिवम् सुन्दरम् के विचार से प्रेरित होकर समाज के शैक्षिक उत्थान में अपना उत्कृष्ट योगदान कर रहा है।
महाविद्यालय में बी.ए. एवं बी.कॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रारम्भ हो चुका है। समाज में रोजगार के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दृष्टिकोण से छात्र/छात्राओं के मानसिक व चारित्रिक निर्माण के लिए आदर्शवादी गुरुजनों की समर्पित टीम सदैव तत्पर है। आप सुधीजनों का सहयोग रहा तो निश्चित रूप से हम सभी लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत को अवश्य स्थापित करेंगें।
"मैं संस्थापक के रूप में महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्र/छात्राओं के मंगलमय भविष्य की कामना करता हूँ। प्रभु आप सबके जीवन को ज्ञान के आलोक से पूरित करें।"